Patna University Students’ Union के 2025 के चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं। 29 मार्च को हुए मतदान के बाद, आज सुबह 5:15 बजे तक सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर विजेताओं की सूची सामने आई। इस बार का चुनाव न केवल रोमांचक रहा, बल्कि छात्र राजनीति में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति को भी दर्शाता है। आइए, परिणामों पर एक नजर डालते हैं और समझते हैं कि इस चुनाव ने क्या संदेश दिया।
Patna University Students’ Union 2025 विजेताओं की सूची
- अध्यक्ष: मैथिली मृणालिनी (ABVP)
- वोट: 3,524
- मैथिली ने NSUI के मनोरंजन कुमार राजा (2,918 वोट) को 600 से अधिक मतों से हराया। इस जीत ने ABVP की संगठनात्मक मजबूती को फिर से साबित किया।
- मनोरंजन कुमार राजा पहले राजद से ही चुनाव लड़ने वाले थे, लेकिन छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष गगन कुमार ने इनको चुनाव नहीं लड़वा कर अपने परिवार की सदस्य प्रियंका कुमारी को चुनाव लड़वाया,जिससे प्रियंका कुमारी और मनोरंजन कुमार राजा दोनों को हार का सामना करना पड़ा ।
- उपाध्यक्ष: धीरज कुमार (स्वतंत्र उम्मीदवार)
- धीरज ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़कर सभी को चौंका दिया और शानदार जीत दर्ज की।
- महासचिव: सलोनी राज (स्वतंत्र, JD(U) समर्थित)
- सलोनी ने JD(U) के छात्र विंग के समर्थन से यह पद हासिल किया। उनकी जीत ने स्वतंत्र उम्मीदवारों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाया।
- संयुक्त सचिव: रोहन सिंह (NSUI)
- NSUI को इस जीत से थोड़ी राहत मिली, हालांकि अध्यक्ष पद पर हार उनके लिए झटका रही।
- कोषाध्यक्ष: सोम्या श्रीवास्तव (NSUI)
- सोम्या ने बिना किसी विरोध के यह पद जीता, जिससे उनकी लोकप्रियता और संगठन के प्रति विश्वास का पता चलता है।
चुनाव की मुख्य बातें
- मतदान प्रतिशत: इस बार 45.21% मतदान हुआ, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में संतोषजनक रहा।
- मतदान प्रक्रिया: 29 मार्च को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग शांतिपूर्ण रही। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच छात्रों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
- परिणाम घोषणा: देर रात तक मतगणना चली, और सोशल मीडिया पर सुबह तक चर्चाएं गर्म रहीं।
- महिलाओं की भागीदारी: पांच प्रमुख पदों में से तीन पर महिलाओं की जीत ने छात्र राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाया।
राजनीतिक संगठनों का प्रदर्शन
- ABVP: अध्यक्ष पद पर जीत के साथ ABVP ने अपनी पकड़ बरकरार रखी। मैथिली की जीत से संगठन के समर्थकों में जोश देखा गया।
- NSUI: संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के पद पर जीत के बावजूद, अध्यक्ष पद पर हार उनके लिए बड़ा झटका साबित हुई।
- स्वतंत्र उम्मीदवार: धीरज और सलोनी की जीत से साफ है कि छात्र अब केवल बड़े संगठनों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि व्यक्तिगत योग्यता और विश्वसनीयता को भी महत्व दे रहे हैं।
- JD(U): सलोनी को समर्थन देकर JD(U) ने अप्रत्यक्ष रूप से अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
क्या कहते हैं ये परिणाम?
PUSU चुनाव 2025 के नतीजे छात्रों के बदलते रुझानों को दर्शाते हैं। जहां ABVP और NSUI जैसे बड़े संगठन अभी भी प्रभावी हैं, वहीं स्वतंत्र उम्मीदवारों की जीत यह संकेत देती है कि छात्र अब योग्यता और मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है, जिससे छात्र राजनीति अधिक समावेशी बन सकती है।
आगे क्या?
इन नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने अब छात्रों के मुद्दों को हल करने की चुनौती होगी, जिसमें शामिल हैं:
- बेहतर शिक्षा सुविधाएं
- हॉस्टल व्यवस्था में सुधार
- कैंपस सुरक्षा
- छात्रवृत्ति और प्लेसमेंट अवसरों का विस्तार
यह देखना दिलचस्प होगा कि ये नेता अपने वादों पर कितना खरा उतरते हैं।
आप इस चुनाव के बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय नीचे साझा करें।
(नोट: यह जानकारी सोशल मीडिया से संकलित है। आधिकारिक परिणामों के लिए पटना विश्वविद्यालय की वेबसाइट या स्थानीय समाचारों पर नजर रखें।) – दियारा भूमि न्यूज








