महेंद्र मधुर (Mahendra Madhur) हिंदी काव्य मंच पर एक प्रतिष्ठित नाम हैं। वे अपनी हास्य-व्यंग्य से भरपूर कविताओं और मंचीय प्रस्तुतियों के लिए जाने जाते हैं। उनकी कविताएँ न केवल लोगों को हँसाने का काम करती हैं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी गहरा प्रहार करती हैं। उनकी अनूठी शैली और चुटीले अंदाज के कारण वे कवि सम्मेलनों में मुख्य आकर्षण होते हैं।
जीवन परिचय
महेंद्र मधुर का जन्म आष्टा, मध्य प्रदेश, भारत में हुआ। उन्होंने युवावस्था में कविता लेखन की शुरुआत की और धीरे-धीरे कवि सम्मेलनों के मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई।
काव्य शैली
महेंद्र मधुर की कविताएँ हास्य और व्यंग्य का अनोखा मिश्रण होती हैं। उनकी भाषा सरल और प्रभावशाली होती है, जिससे आम जनता आसानी से जुड़ाव महसूस करती है। उनकी रचनाएँ राजनीति, सामाजिक कुरीतियों, पारिवारिक जीवन और रोज़मर्रा की घटनाओं पर आधारित होती हैं। वे अपनी कविताओं को इतनी रोचकता और हाजिरजवाबी के साथ प्रस्तुत करते हैं कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
कवि सम्मेलनों में योगदान
महेंद्र मधुर ने देश-विदेश में कई कवि सम्मेलनों में भाग लिया है। वे मंच पर ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरे होते हैं, जिससे उनका हर प्रदर्शन यादगार बन जाता है। उन्होंने प्रसिद्ध कवियों जैसे अशोक चक्रधर, शैलेश लोढ़ा, और सुरेंद्र शर्मा के साथ भी मंच साझा किया है। उनकी प्रस्तुतियाँ सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भी खूब लोकप्रिय हैं।
प्रमुख कविताएँ और रचनाएँ
महेंद्र मधुर की कुछ प्रसिद्ध कविताएँ हास्य और व्यंग्य का शानदार संगम हैं। उनकी मंचीय प्रस्तुतियों के वीडियो यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं। उनकी कविताओं में विवाह, राजनीति, पारिवारिक रिश्तों और समाज की विसंगतियों पर करारा व्यंग्य देखने को मिलता है। कुछ लोकप्रिय कविताएँ इस प्रकार हैं:
- अगर तू साथ ना पढ़ती तो मैं भी पास हो जाता
- पढ़ोगे बैठ कर मस्जिद में तुम हनुमान चालीसा
- शादी-विवाह के मज़ेदार किस्से
- राजनीति पर हास्य व्यंग्य
- पति-पत्नी की नोक-झोंक
व्यक्तित्व और प्रभाव
महेंद्र मधुर का व्यक्तित्व बेहद सरल और मिलनसार है। वे मंच पर विनम्रता और हाजिरजवाबी के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी कविताएँ न केवल मनोरंजन करती हैं, बल्कि समाज में व्याप्त समस्याओं पर भी प्रकाश डालती हैं। उनकी प्रस्तुति में एक खास तरह की ऊर्जा होती है, जो दर्शकों को अंत तक बाँधे रखती है।
सम्मान और उपलब्धियाँ
महेंद्र मधुर को उनके काव्य योगदान के लिए कई मंचों पर सम्मानित किया गया है। हालाँकि उनके नाम कोई बड़ा राष्ट्रीय पुरस्कार दर्ज नहीं है, लेकिन कवि सम्मेलनों में उनकी लोकप्रियता और दर्शकों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
10 जनवरी 2025 को विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित एक कवि सम्मेलन में उन्होंने अपनी कविता से दर्शकों का मन मोह लिया।
Mahendra Madhur: व्यक्तिगत जीवन
महेंद्र मधुर अपने निजी जीवन को लेकर ज्यादा चर्चा में नहीं रहते। वे अपने परिवार के साथ आष्टा, मध्य प्रदेश में रहते हैं और कविता को ही अपनी जिंदगी का मुख्य हिस्सा मानते हैं। उनके प्रशंसक उनकी सादगी और कला के प्रति समर्पण की सराहना करते हैं।
आय और बुकिंग प्रक्रिया
महेंद्र मधुर की आय मुख्य रूप से कवि सम्मेलनों, निजी आयोजनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से होती है। वे देश-विदेश में कवि सम्मेलनों में भाग लेते हैं और इसके लिए उन्हें उचित मानदेय मिलता है। साथ ही, उनकी यूट्यूब और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता भी उन्हें अतिरिक्त आय प्रदान करती है।
अगर कोई आयोजक उन्हें अपने कार्यक्रम में आमंत्रित करना चाहता है, तो बुकिंग के लिए निम्नलिखित तरीकों से संपर्क किया जा सकता है:
- फोन: 098261 25894
- ईमेल: madhuraajtak@gmail.com
- सोशल मीडिया:
- इंस्टाग्राम: mahendra_madhur
- फेसबुक: महेंद्र मधुर
- यूट्यूब: kavimahendramadhur6367
- स्थान: आष्टा, मध्य प्रदेश, भारत
सोशल मीडिया और संपर्क
महेंद्र मधुर की प्रस्तुतियों को देखने के लिए लोग कवि सम्मेलन आयोजकों से संपर्क करते हैं। वे सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं, जहाँ उनके प्रशंसक उनकी कविताओं का आनंद ले सकते हैं। यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उनकी कई कविताएँ उपलब्ध हैं।








