दुष्यंत यादव ने अपने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से दी जानकारी उन्होंने कहा ।
बेलदौर विधानसभा की स्थिति आज बेहद दयनीय है। लगातार 25 वर्षों तक पन्ना लाल पटेल विधायक रहे, लेकिन इस लंबे कार्यकाल में बेलदौर विकास से कोसों दूर रह गया।
ना मज़बूत सड़कें बनीं, ना ही हर गाँव तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचीं। जो अस्पताल पहले बने, वे भी आज डॉक्टर, दवा और स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में बेलदौर अब भी पिछड़ा हुआ है। किसान उसी हालात में हैं जैसे 25 साल पहले थे — आय बढ़ाने के कोई ठोस प्रयास नहीं हुए।
उन्होंने आगे कहा कैंजरी पंचायत में विकास कार्यों पर राजनीति का ग्रहण
कैंजरी पंचायत, जहाँ से कई सामाजिक कार्यों की शुरुआत हुई, वहाँ भी विकास के कामों में बाधाएँ डाली गईं।
जब भी काली कोशी नदी पर पुल निर्माण की बात उठी, विधायक जी का विरोध सामने आया।
युवाओं के बीच बढ़ते नशे की लत को लेकर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गाँव के बच्चे आज “सुखा नशा” और “सिरप” जैसी खतरनाक आदतों में फँसते जा रहे हैं — और बेलदौर का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है।
कृष्णा कुमारी यादव का त्याग — एक सच्चे जनसेवक की पहचान
इन हालातों को देखते हुए हमने और हमारे साथियों ने जिला परिषद अध्यक्ष खगड़िया, श्रीमती कृष्णा कुमारी यादव जी को समर्थन देने का निर्णय लिया था।
उनकी कार्यशैली, ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पण ने उन्हें एक जननेता के रूप में स्थापित किया था।
लेकिन अफ़सोस, किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल ने उन्हें टिकट नहीं दिया।
जब हमने उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का सुझाव दिया, तब उन्होंने बड़ी ही राजनीतिक समझदारी और त्यागपूर्ण निर्णय लेते हुए जनता के हित में चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया।
यह त्याग साधारण नहीं था — यह एक सच्चे जनसेवक की पहचान थी।
कृष्णा जी ने अपने समर्थकों से कहा,
“अब बेलदौर की जनता स्वयं तय करे कि उन्हे किसे चुनना है — जो क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दे।”
अब बदलाव की बारी — दुष्यंत यादव ने मिथिलेश निषाद को दिया समर्थन
लंबे विचार-विमर्श के बाद हमने यह तय किया कि बेलदौर में विकास और परिवर्तन की नई शुरुआत करनी होगी।
इसी सोच के साथ हमने और हमारे साथियों ने महागठबंधन प्रत्याशी श्री मिथिलेश निषाद जी को समर्थन देने का निर्णय लिया है।
दुष्यंत यादव ने कहा —
“हमने क्षेत्र की हर समस्या — सड़क, अस्पताल, स्कूल और किसानों की दिक्कतें — मिथिलेश जी के सामने रखीं।
उन्होंने वादा किया है कि बेलदौर को विकास की राह पर ले जाना उनकी प्राथमिकता होगी।
अब वक्त है कि बेलदौर पुरानी राजनीति से निकलकर नई सोच को अपनाए।”
जनता के लिए अपील
अब यह समय है कि बेलदौर की जनता जाति और व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर विकास के लिए मतदान करे।
अगर हमें अपने गाँव, किसानों और युवाओं का भविष्य सुधारना है, तो हमें ऐसे प्रतिनिधि को चुनना होगा जो विकास की राजनीति करे, न कि वोट बैंक की।
दियारा भूमि न्यूज“अगर बेलदौर को आगे बढ़ाना है, तो अब बदलाव ज़रूरी है।”








